हर घर में एक ही बात सुनने को मिलती है –
“ये बच्चा मानता ही नहीं! पता नहीं इतनी जिद क्यों करता है?”
कभी गुस्सा, कभी रोना, कभी बात न मानना…
और हम माँ-पापा थक जाते हैं यह सोचकर कि आखिर गलती कहाँ हो रही है।
लेकिन सच ये है-
बच्चे बुरा बनने के लिए गलत व्यवहार नहीं करते,
वो ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें समझ नहीं आता कि अपनी बात कैसे कहें।
चलिए इसे बहुत आसान तरीके से समझते हैं👇
💛 1. बच्चा अपनी बात ठीक से बता नहीं पाता – Positive Parenting
छोटे बच्चे अपनी भावनाएँ शब्दों में नहीं बता पाते।
उनको दुख, गुस्सा, थकान या भूख लगती है…
पर वो बोल नहीं पाते, इसलिए रोते-चिल्लाते हैं।
👉 माँ-पापा क्या करें:
प्यार से पूछें –
“क्या तुम्हें भूख लगी है?”
“थक गए हो क्या?”
बस आपकी ये नरमी ही बहुत फर्क डाल देती है।
2. बच्चा ध्यान चाहता है, आपकी नज़दीकी
कई बार बच्चा इसलिए शरारत करता है क्योंकि उसे लगता है कि माँ-पापा उसके पास बैठें, उसे देखें, उससे बात करें।
👉 क्या करें:
दिन में 10–15 मिनट सिर्फ बच्चे के साथ बिताइए।
मोबाइल दूर रखिए… बस बच्चा और आप।
वो खुद आपकी बात सुनने लगेगा।
😔 3. बच्चा अंदर से परेशान होता है
कभी-कभी बाहर की कोई छोटी सी बात भी बच्चे को अंदर तक परेशान कर देती है –
· स्कूल में किसी ने चिढ़ाया
· दोस्त ने साथ नहीं खेला
· घर में तनाव
· नया छोटा भाई/बहन आ गया
बच्चा यह सब बोल नहीं पाता, इसलिए उसका व्यवहार बदल जाता है।
👉 क्या करें:
धीरे से गले लगाएँ और पूछें –
“आज तुम्हारा मन ठीक नहीं है क्या?”
इतनी सी बात से उसका दिल हल्का हो जाता है।
🧠 4. बच्चा सिर्फ सीमा टेस्ट करता है
छोटे बच्चे कभी-कभी ये देखने की कोशिश करते हैं कि
“माँ-पापा कितना रोकेंगे?”
यह सामान्य है, हर बच्चा करता है।
👉 क्या करें:
छोटे-छोटे rules सेट करें, पर प्यार से।
जैसे –
· TV सिर्फ 30 मिनट
· खेलने के बाद खिलौने अपनी जगह पर
· रात को 10 बजे तक सोना
और जब वो rule मान ले —
उसकी तारीफ़ ज़रूर करें, उसे अच्छा लगेगा।
🧸 5. थकान में बच्चा खुद को संभाल नहीं पाता
थके हुए बच्चे अक्सर ज्यादा शरारत करते हैं।
वो गलत नहीं होते, बस संभल नहीं पाते।
👉 क्या करें:
उसे गले लगाएँ, पानी दें, थोड़ा आराम करवाएँ।
कई बार सिर्फ एक हग ही जादू कर जाता है।
📚 6. Moral Stories से बच्चा बहुत सीखता है
कहानियाँ बच्चे के दिल पर सीधा असर करती हैं।
कहानी में जो अच्छा बच्चा होता है,
आपका बच्चा भी वैसा बनने की कोशिश करता है।
👉 क्या करें:
रात में 5-10 मिनट कोई छोटी moral story सुनाएँ –
जैसे ईमानदारी, गुस्सा कैसे शांत करें, दूसरों की मदद, समय की कीमत वगैरह।
ये कहानियाँ धीरे-धीरे बच्चा बहुत कुछ सिखा देती हैं –
बिना डांट के।
इस वेबसाइट पे कई नैतिक कहानियां (Moral Stories) और सोने से पहले की कहानियाँ (Bedtime Stories) हैं, जिन्हे आप पढ़ कर मनोरंजन के साथ अच्छी बातें सीख सकते हैं।
❤️ 7. बच्चे को शांत आवाज़ में समझाएँ, गुस्से में नहीं
अगर बच्चा चिल्ला रहा हो या कुछ गलत कर रहा हो,
तो तुरंत डांटने से वह और खराब हो जाता है।
👉 क्या करें:
थोड़ा रुकें… और शांत होकर कहें –
“तुम गुस्सा हो सकते हो, इसमें कोई बात नहीं…
लेकिन चीज़ें फेंकना ठीक नहीं है।”
उसको महसूस कराएँ कि –
“मैं तुम्हें समझता/समझती हूँ… पर गलत काम नहीं चलेंगे।”
8. बच्चे को छोटी-छोटी choices दें
बच्चों को आदेश पसंद नहीं आते।
पर choice देने से वो खुद मान जाते हैं।
👉 जैसे:
“अब नहाओ!”
की जगह –
“पहले नहाओगे या पहले नाश्ता करोगे?”
उन्हें लगता है कि फैसला वही ले रहे हैं – और वो शांत हो जाते हैं।
इसे भी पढ़ें – बच्चे जब ज़्यादा ज़िद करें तो कैसे संभालें? | दिल से जुड़ी Parenting Tips
100 बात की एक बात
बच्चे गलत व्यवहार इसलिए नहीं करते कि वो खराब हैं…
वो सिर्फ सीख रहे होते हैं।
बड़ी दुनिया को समझ रहे होते हैं।
अपनी भावनाओं से लड़ रहे होते हैं।
माँ-पापा का प्यार, समझ और धैर्य ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।
और यकीन मानिए
जब बच्चा देखता है कि मम्मी-पापा उसे समझते हैं,
तो वह खुद बेहतर बनने की कोशिश करता है। ❤️