रात का समय था। आसमान साफ़ था और सितारे ऐसे चमक रहे थे जैसे किसी ने काले मखमली कपड़े पर चाँदी के बटन टाँक दिए हों। एक बड़ा-सा हवाई जहाज़ शांति से बादलों के ऊपर उड़ रहा था। अंदर अलग-अलग तरह के लोग बैठे थे, कोई बिज़नेस ट्रिप पर जा रहा था, कोई अपने परिवार से मिलने, तो कुछ बच्चे पहली बार हवाई यात्रा का मज़ा ले रहे थे।
खिड़की के पास बैठी आठ साल की अनाया बार-बार बाहर झाँक रही थी।
“मम्मा, क्या हम बादलों के ऊपर हैं?” उसने उत्साहित होकर पूछा।
माँ मुस्कुराईं, “हाँ बेटा, अभी हम बादलों के ऊपर हैं।”
अनाया ने मन ही मन सोचा – काश, मैं इन बादलों पर उतर पाती।
उसी समय, अचानक जहाज़ हल्का-सा काँपा। पहले तो सबने सोचा कि यह सामान्य झटका है, लेकिन कुछ ही सेकंड में हवा तेज़ हो गई। पायलट की आवाज़ आई, “कृपया अपनी सीट बेल्ट बाँध लें।”
आसमान में काले बादल घिर आए। बिजली चमकी। जहाज़ जोर-जोर से हिलने लगा। लोगों के चेहरों पर डर साफ दिखाई देने लगा। बच्चों की आँखों में आँसू आ गए। किसी ने प्रार्थना शुरू कर दी, तो कोई अपनी आँखें कसकर बंद कर बैठ गया।
एक ज़ोरदार झटका लगा और ऐसा लगा जैसे जहाज़ नीचे की ओर खिंच रहा हो।
लेकिन तभी… कुछ अद्भुत हुआ।
जहाँ इंसानों की आँखें कभी नहीं पहुँचतीं, उन बादलों के ऊपर एक छुपी हुई दुनिया थी – परियों की दुनिया। यह कोई साधारण जगह नहीं थी। वहाँ के बादल चमकीले थे, जैसे उनमें चाँदनी घुली हो। हवा में रंग-बिरंगे फूल तैरते थे। नदियाँ तरल चाँदी जैसी चमकती थीं और पेड़ पारदर्शी थे, जिनकी पत्तियाँ इंद्रधनुषी रोशनी बिखेरती थीं।
वहीं एक विशाल महल था, जो पूरी तरह चमकते क्रिस्टल से बना था। उस महल में रहती थीं सबसे बुज़ुर्ग और बुद्धिमान परी – एलारा। उनके बाल चाँदी जैसे चमकते थे और आँखों में गहरी शांति थी।
जैसे ही जहाज़ उस दुनिया की सीमा में प्रवेश करने लगा, आसमान में तेज़ हलचल हुई। परियों के पंखों में हल्की कंपकंपी दौड़ गई।
एलारा ने अपनी चमकती छड़ी उठाई।
“कुछ भारी चीज़ हमारी दुनिया में गिरने वाली है,” उन्होंने गंभीर स्वर में कहा।
सैकड़ों परियाँ एक साथ उड़ पड़ीं। उनके पंखों से सुनहरी, नीली और गुलाबी रोशनी निकल रही थी। जब उन्होंने जहाज़ को गिरते देखा, तो सबकी आँखों में चिंता झलक उठी।
“अगर यह गिरा, तो हमारी दुनिया नष्ट हो सकती है!” एक युवा परी बोली।
एलारा ने आदेश दिया, “हम सब मिलकर इसे रोकेंगे। अपनी शक्ति को जोड़ो।”
सभी परियों ने एक घेरा बना लिया। उन्होंने अपने पंख फैलाए और अपनी जादुई ऊर्जा को एक साथ जोड़ा। आसमान में एक विशाल चमकता हुआ जाल बन गया। जहाज़ उस जाल से टकराया… और उसकी रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगी।
लोगों को लगा जैसे किसी ने उन्हें हवा में थाम लिया हो।
और फिर जहाज़ बादलों के मुलायम मैदान पर सुरक्षित उतर गया।
अंदर सन्नाटा था। कुछ पल तक किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है।
पायलट ने धीरे से दरवाज़ा खोला। सामने का दृश्य देखकर सबकी साँसें थम गईं।
चारों ओर चमकती घास, हवा में उड़ते फूल, और छोटे-छोटे चमकदार पंखों वाली परियाँ।
“क्या… हम स्वर्ग में हैं?” किसी ने काँपती आवाज़ में पूछा।
एक नन्हीं परी आगे आई। उसकी आवाज़ घंटियों जैसी मधुर थी।
“नहीं, आप हमारी दुनिया में हैं। डरिए मत, आप सुरक्षित हैं।”
शुरुआत में लोग डरे हुए थे। कुछ को लगा कि वे सपना देख रहे हैं। लेकिन जब परियां घायल यात्रियों का इलाज करने लगीं, तब सबको एहसास हुआ कि यह सपना नहीं, हकीकत है।
अगले कुछ दिन दोनों दुनियाओं के लिए अजीब लेकिन खूबसूरत रहे।
परियों ने इंसानों को अपने घर दिखाए। बादलों से बने झूले, हवा में तैरती लाइब्रेरी, जहाँ किताबें खुद-ब-खुद खुल जाती थीं। बच्चों ने परियों के साथ उड़ने की कोशिश की। जब कोई बच्चा हँसता, तो उसके पैरों के नीचे थोड़ी देर के लिए बादल सख्त हो जाते, जैसे उसे उड़ने का एहसास देने के लिए।
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अनाया की दोस्ती एक छोटी परी “लूमी” से हो गई। लूमी के पंख हल्के बैंगनी रंग के थे।
“तुम्हारी दुनिया कैसी है?” लूमी ने पूछा।
अनाया ने कहा, “वहाँ पेड़ हैं, नदियाँ हैं… लेकिन लोग कभी-कभी एक-दूसरे से लड़ते भी हैं।”
लूमी की आँखें उदास हो गईं, “हमारी दुनिया में लड़ाई नहीं होती। हम अपनी शक्ति का उपयोग सिर्फ बचाने के लिए करते हैं।”
धीरे-धीरे इंसानों ने भी इस दुनिया के नियम सीख लिए, यहाँ झूठ बोलने पर आवाज़ धीमी हो जाती थी, और बुरे विचार आने पर आसमान धुंधला पड़ जाता था। इसलिए सबने कोशिश की कि उनके मन में सिर्फ अच्छे विचार रहें।
एक महीना बीत गया।
लोगों ने वहाँ छोटे-छोटे घर बना लिए थे। वैज्ञानिकों ने परियों की ऊर्जा को समझने की कोशिश की, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि यह विज्ञान से ज़्यादा दिल और विश्वास की शक्ति है।
हर शाम परियाँ और इंसान मिलकर पार्टी मनाते। आसमान में रंगीन लहरें बनतीं।
लेकिन समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।
एक दिन एलारा ने महसूस किया कि इंसानों की मौजूदगी से दोनों दुनियाओं के बीच संतुलन बदल रहा है।
उन्होंने सबको इकट्ठा किया।
“हमारी दोस्ती हमेशा रहेगी,” उन्होंने नरम आवाज़ में कहा, “लेकिन आपकी दुनिया आपको पुकार रही है। यहाँ रहना प्रकृति के नियम के खिलाफ होगा।”
लोगों की आँखें भर आईं। किसी को लौटने की खुशी थी, तो किसी को बिछड़ने का दुख।
परियों ने मिलकर अपनी सबसे बड़ी शक्ति का उपयोग किया। आसमान में एक चमकता हुआ गोल दरवाज़ा बना – एक पोर्टल। उसमें धरती के शहर, खेत, और समुद्र दिखाई दे रहे थे।
अनाया ने लूमी को गले लगाया।
“मैं तुम्हें नहीं भूलूँगी।”
लूमी मुस्कुराई, “जब भी तुम बादलों को देखोगी, मैं वहीं हूँगी।”
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एक-एक करके सभी लोग पोर्टल में प्रवेश करने लगे। जाते-जाते उन्होंने पीछे मुड़कर देखा – पूरी परी दुनिया चमक रही थी, जैसे किसी ने हजारों सितारे एक साथ जला दिए हों।
अगले ही पल वे सब धरती पर सुरक्षित थे। बचाव दल ने उन्हें पाया, लेकिन किसी को समझ नहीं आया कि वे इतने समय तक कहाँ थे। जहाज़ भी ठीक हालत में मिला, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
लोगों ने इस रहस्य को अपने दिल में छुपा लिया।
अनाया जब भी आसमान देखती, तो उसे लगता जैसे कोई बैंगनी चमक उसे आँख मार रही हो।
इस कहानी से शिक्षा (Moral):
कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत हमें ऐसी जगह पहुँचा देती है, जहाँ हम दोस्ती, विश्वास और दयालुता का असली मतलब समझते हैं।
और याद रखिए दुनिया में सिर्फ वही नहीं है जो आँखों से दिखता है, कुछ चीज़ दिल से महसूस किया जाता है।