बोलता बरगद: दोस्ती जो ज़िंदगी का रास्ता बदल दे | Moral Story of Friendship
सोनपुर एक छोटा-सा गाँव था। कच्ची गलियाँ, मिट्टी की खुशबू, सुबह की अज़ान और शाम की आरती सब कुछ बहुत सादा, बहुत अपना। गाँव के ठीक बीचों-बीच एक विशाल बरगद का पेड़ खड़ा था। उसकी जड़ें ज़मीन से बाहर निकलकर ऐसे फैल गई थीं जैसे किसी बूढ़े ने अपने हाथ फैला रखे हों। लोग कहते … Read more